मैंने अपनी मौसी की गांड मार डाली

Maine apni mausi ki gaand maar dali:

Gaand chudai ki kahani, antarvasna sex story

मेरा नाम गौरव है और मैं एक शादीशुदा व्यक्ति हूं, मैं भिवानी का रहने वाला हूं और मेरी शादी को 3 वर्ष हो चुके हैं। जब मेरी शादी हुई थी उस वक्त मेरी बहुत ही अच्छी जॉब थी और मैं एक अच्छी कंपनी में काम कर रहा था परंतु उसके कुछ समय बाद मेरी जॉब छूट गई और अब मेरी स्थिति बहुत ही खराब हो चुकी है। मेरे माता-पिता भी नहीं है इस वजह से मुझे ही घर की सारी जिम्मेदारी देखनी है और अब मेरा एक छोटा बच्चा भी है उसकी स्कूल की फीस और घर का खर्चा उठाना मेरे लिए बहुत ही मुश्किल हो रहा था तो मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था।

मेरी पत्नी मुझसे कहने लगी कि यदि आपको दिक्कत हो रही है तो आप मेरे पिताजी से मदद ले लीजिए लेकिन मैंने उसे मना कर दिया और कहा कि तुम्हारे पिताजी से मैं मदद लूँगा तो उन्हें बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा और मुझे भी बिलकुल अच्छा नहीं लगेगा क्योंकि यह मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने जैसा है इसलिए मैंने उसे साफ इंकार कर दिया और कहा कि मैं तुम्हारे पापा से मदद नहीं ले सकता। मैं अपने बारे में किसी को भी नहीं बताना चाहता था लेकिन एक दिन मेरी मौसी ने मुझे फोन कर दिया और कहने लगी कि तुम कैसे हो, मैंने उन्हें बताया कि मैं तो अच्छा हूं लेकिन मेरी नौकरी छूट चुकी है। जब मैंने उन्हें यह बात कही तो वह बहुत ही दुखी हुई और कहने लगी कि तुम एक काम करो मेरे पास चले आओ। मैंने कहा कि मैं आपके पास क्या करूंगा, वह कहने लगें तुम मेरे पास आ जाओ मैं तुम्हारे  लिए नौकरी देख लूंगी क्योंकि मेरी मौसी है बहुत ही अच्छी हैं और और हमेशा ही मेरी मदद करती रहती है। उनके पति विदेश में ही नौकरी करते हैं और वह घर पर अकेली रहती हैं क्योंकि उनकी दोनों लड़कियों की शादी हो चुकी है और वह घर पर अकेली हो चुकी है इसलिए वह मुझे कह रही है की तुम मेरे पास ही आ जाओ, मैं तुम्हारी कहीं पर नौकरी लगवा दूंगी क्योंकि वह एक बहुत बड़े पद पर हैं इसलिए उनकी जान पहचान भी बहुत अच्छी है और वह नोएडा में रहती हैं। मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि तुम उन्हीं के पास चले जाओ और कुछ समय तक वहीं पर काम कर लो। मुझे भी लगने लगा कि मुझे उनके पास ही चले जाना चाहिए, नहीं तो हमारी स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी।

मेरे घर के खर्चे बहुत ज्यादा होने लगे थे और मैंने अपनी मौसी को फोन करते हुए कहा कि मैं आपके पास ही आ रहा हूं, तब मैं उनके पास चला गया। जब मैं उनके पास किया तो वह मुझे कहने लगी कि तुमने बहुत ही अच्छा किया कि तुम मेरे पास आ गए क्योकि तुम अगर वहीं पर रहते तो  तुम्हें और भी समस्या हो जाती। अब मैं उनके साथ ही बैठा हुआ था तो वह मुझे कहने लगे कि तुम्हें कुछ पैसों की आवश्यकता होगी, मैंने कहा नहीं मुझे पैसे नहीं चाहिए लेकिन उन्होंने जबर्दस्ती मुझे कुछ पैसे पकड़ा दिये और कहा कि तुम इसे अपने घर पर भिजवा दो। मैंने उन्हें काफी मना किया लेकिन वह मेरी बात नहीं मानी और उन्होंने मुझे पैसे दे दिए। उसके अगले दिन मैं बैंक में गया और मैंने वह कैसे अपनी पत्नी को ट्रांसफर कर दिए। जब मेरी पत्नी मुझसे पूछने लगी कि यह पैसे तुम्हारे पास कहां से आए, तो मुझे उससे झूठ बोलना पड़ा और मैंने उसे कहा कि मेरी नौकरी लग चुकी है और मुझे उन्होंने एडवांस कुछ पैसे दे दिए इसलिए मैं तुम्हें पैसे भिजवा रहा हूं और मेरी पत्नी भी संतुष्ट हो चुकी थी। वह भी बहुत खुश थी उसने मुझसे पूछा कि तुम वहां पर कैसे हो, मैंने कहा कि मैं तो बहुत अच्छा हूं क्योंकि मौसी भी घर पर रहती हैं और उनके साथ कोई भी नहीं है। वह भी अपने काम पर होती हैं और मैं भी अपने काम से वापस लौट कर आता हूं तो वह मेरे लिए खाना बना कर रखती हैं। मेरी पत्नी भी अब निश्चिंत हो चुकी थी और वह बहुत ही खुश थी। कुछ दिनों बाद मेरी मौसी ने मेरी एक जगह नौकरी लगवा दी और मुझे बहुत ही अच्छी तनख्वाह पर वहां लगवा दिया। मैं भी बहुत खुश था और मैं अपनी मौसी को कह रहा था कि आप ने मेरी बहुत ही मदद की है। वह कहने लगी इसमें मदद वाली कौन सी बात है तुम्हारी मां मेरी बहन थी इसलिए मैंने तुम्हारी मदद की है और यदि मैं तुम्हारी मदद नहीं करूंगी तो अब तुम्हारी मदद कौन करेगा यदि तुम मुझे अपना नहीं मानते तो वह बात अलग है। मैंने उन्हें कहा आप किस तरीके की बातें कर रही हैं, मैं आपको अपना नहीं मानता तो मैं आपके पास कभी भी नहीं आता। अब मैं भी अपनी नौकरी में लगा था और वह भी अपने ऑफिस में बिजी रहती थी। जब वह अपने ऑफिस से लौटती तो तब तक मैं भी घर आ चुका होता था। जब मैं जल्दी आ जाऊं तो मैं घर का खाना बना लिया करता था और वह मुझे कहती थी की तुम बहुत ही मेहनत करते हो और घर का काम भी तुम करते हो, मेरी मौसी मुझे मना किया करती थी कि तुम घर का काम मत किया करो। मैं उन्हें बोलता था कि मेरा टाइम पास हो जाया करता है इसलिए मैं घर का काम कर देता हूं।

एक दिन मेरी मौसी की तबीयत खराब हो गई और वह घर पर ही आराम करने लगे। उस दिन मैं ऑफिस चला गया और ऑफिस से जल्दी लौट आया, मैंने उनसे कहा कि आप की तबीयत कुछ ज्यादा खराब लग रही है। वो कहने लगी नहीं मैंने दवाई ले ली थी और अब मैं ठीक हूं। जब उन्होंने मुझे इस प्रकार से कहा तो मुझे संतुष्टि हो गई। उस दिन मैंने ही घर का खाना बनाया और उन्होंने खाना खाया फिर वह अपने कमरे में जाकर आराम करने लगे। उसके बाद मैं भी अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहा था। मै अपनी पत्नी से फोन  पर बात कर रहा था मैं उसे अश्लील बातें कर रहा था और जब मैं उससे इस प्रकार से बातें कर रहा था तो मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया और मेरा लंड कुछ ज्यादा ही मोटा हो गया। मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा था और मैं मुठ मारने के लिए बाथरूम में जा रहा था तभी मैंने देखा कि मेरी मौसी अपने कमरे में लेटी हुई थी।

उनकी चूतडे मुझे दिखाई दे रही थी मैं जब उनके पास गया तो मैने अपना फोन काट दिया मै मौसी से बात करने लगा। जब मैं उनसे बात कर रहा था तो उनकी चूतडे मुझे दिखाई दे रही थी मैंने जब उनकी चूतडो पर हाथ लगाया तो वह भी मचल उठी और उन्हें तुरंत ही मेरे लंड को पकड़ लिया। जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को पकड़ा तो वह पूरी उत्तेजना में आ गई और उन्होंने तुरंत ही मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया। जब उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। वह मेरे लंड को बहुत ही अच्छे से चूस रही थी। मुझसे भी बिल्कुल नहीं रहा गया और मैंने भी उनके कपड़े खोलते हुए उनकी योनि को चाटना शुरू कर दिया। उनकी योनि में आज भी पूरी जवानी बची हुई थी मैं उनकी योनि को बहुत ही अच्छे से चाट रहा था उनकी चूत से बहुत ज्यादा ही पानी निकल रहा था। मैंने जैसे ही उनकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह पूरे मूड मे आ चुकी थी और मैंने उनके स्तनों को भी चूसना शुरू कर दिया। जब मैं उनके स्तनों को चूस रहा था तो उन्हें बड़ा ही मजा आ रहा था और मैं उन्हें बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था। मैं उन्हें झटक देता तो वह पूरे मूड में आ गई उन्होंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और मैंने उन्हें बड़ी तेजी से झटके देना शुरू किया। जब मेरा वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उनके स्तनों पर अपना माल गिरा दिया। उन्होंने अपनी गांड को मेरी तरफ कर दिया मैंने उनकी गांड को कसकर पकड़ लिया मैंने जैसे ही उनकी गांड के अंदर मैने अपना लंड डाला तो मुझे बड़ा अच्छा लगा लगा। मैं उन्हें ऐसे ही धक्के मारने पर लगा हुआ था उनकी गांड से खून निकलने लगा और मैं बड़ी तेजी से उनकी गांड मार रहा था। उनकी गांड मारने में मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था उनका शरीर पूरा गर्म होने लगा। मै बड़े ही अच्छे से धक्के मार रहा था लेकिन मै उनकी गांड की गर्मी को ज्यादा देर तक बर्दाश्त ना कर सका। जैसे ही मेरा माल उनकी गांड में गिरा तो वह बहुत ही खुश हो गई और कहने लगी तुमने मेरी गांड मारी मुझे बहुत ही मजा आया।