मेरी चूत की आग को अपने लंड से बुझा डालो

Antarvasna hot story, best romantic hindi sex stories:

Meri chut ki aag ko apne lund se bujha daalo मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था मेरी पढ़ाई का यह आखरी वर्ष था इस अंतिम वर्ष में मैं अपने दिल की बात माधुरी से कहना चाहता था। माधुरी को मैं पिछले कई वर्षों से जानता हूं और हम लोग एक ही कॉलेज में पढ़ते हैं। मेरे और माधुरी के बीच बात भी होती है लेकिन मैंने कभी भी माधुरी से अपने दिल की बात नहीं कही परंतु अब मुझे लगने लगा था कि मुझे माधुरी से अपने दिल की बात कह देनी चाहिए। मैं यही सोच रहा था कि क्या मैं माधुरी से अपने दिल की बात कह पाऊंगा माधुरी को मैं बहुत पसंद करता हूं लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि जब मैं माधुरी से मिलूंगा तो माधुरी मुझे ऐसी बात बताएगी कि वह मैं सुन भी नहीं पाऊंगा। माधुरी जब मुझे मिली तो वह बहुत ही खुश थी माधुरी ने मुझे बताया कि वह किसी लड़के को प्यार करती है उससे वह शादी करने वाली है और उन लोगों की इंगेजमेंट जल्द ही होने वाली थी। यह सब सुनकर मेरे पैरों तले तो जैसे जमीन खिसक गई थी मैं इस बात से बहुत दुखी था।

जीवन में मैंने पहली बार ही किसी लड़की को प्यार किया था और उसके बाद भी मुझे वह मिल नहीं पाई थी इससे मैं बहुत निराश था। अब मेरा कॉलेज भी खत्म हो चुका था और माधुरी की इंगेजमेंट भी हो चुकी थी कॉलेज खत्म होने के बाद मैं जॉब करने के लिए कोलकाता चला गया। मैं जब जॉब करने के लिए कोलकाता गया तो मैंने वहां पर एक फ्लैट ले लिया मैं उस फ्लैट में अकेले ही रहता था। मेरे ऑफिस में काम करने वाले मेरे दोस्त ने मुझसे कहा कि वह कुछ दिनों के लिए मेरे साथ रहना चाहता है तो मैंने उससे कहा ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए मेरे साथ रह सकते हो। वह कुछ दिनों के लिए मेरे साथ रहने लगा जब वह मेरे साथ रह रहा था तो उस वक्त उसने मुझे कहा कि कुछ समय बाद मेरी शादी होने वाली है और तुम्हें मेरी शादी में आना है।

मैंने उसे कहा ठीक है और जब उसकी शादी हुई तो मैं उसकी शादी में उसके घर गया हुआ था उसका घर बिहार में है। जब मैं उसके घर गया तो वहां पर उसने मुझे अपने परिवार वालों से मिलवाया। उसकी शादी बड़े ही अच्छे से हुई और मैं वहां से लौट आया था जब मैं वापस लौटा तो मैंने देखा हमारे पड़ोस में एक परिवार रहने के लिए आया है और धीरे-धीरे उस परिवार से मेरा परिचय होने लगा। कभी भी मुझे कुछ जरूरत पड़ती तो मैं उन लोगों से मदद ले लिया करता इसी बीच मेरे पिताजी का भी फोन आया और वह कहने लगे कि सुनील बेटा तुम काफी समय से घर नहीं आए हो कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेकर घर ही आ जाते। मैंने अपने पिताजी से कहा ठीक है पिताजी मैं कुछ दिनों के लिए घर आ जाऊंगा लेकिन मुझे छुट्टी मिल पाना मुश्किल था परंतु थोड़े समय बाद मैं घर चला गया। जब मैं घर गया तो मेरे माता-पिता मुझे मिलकर खुश थे और वह कहने लगे कि सुनील बेटा तुम काफी समय बाद घर आए हो हम तो यह चाहते हैं कि तुम चंडीगढ़ में ही नौकरी करो। मैं नहीं चाहता था कि मैं चंडीगढ़ में जॉब करूं क्योंकि मुझे लगता था कि माधुरी से कहीं मेरी मुलाकात ना हो जाए इसलिए मैं कोलकाता में ही नौकरी कर रहा था लेकिन यह बात मैं अपने माता पिता को नहीं बता सकता था। कुछ दिनों की छुट्टी के बाद मैं कोलकाता वापस लौट रहा था लेकिन इत्तेफाक से मुझे माधुरी मिल गई जब मुझे माधुरी मिली तो वह मुझे कहने लगी कि सुनील तुम तो मुझे काफी वर्षों से दिखाई नहीं दिए। मैंने उससे कहा मैं अब कोलकाता में ही जॉब करता हूं मैं माधुरी से ज्यादा संपर्क नहीं रखना चाहता था इसलिए मैंने उससे ज्यादा बात नहीं की लेकिन माधुरी ने मेरा नंबर ले लिया था और वह मुझे कहने लगी कि मैं तुमसे फोन पर बात करती रहूंगी मैंने उसे कहा ठीक है। मैं कोलकाता लौट आया था मैं जब कोलकाता लौटा तो मेरा दोस्त भी वापस लौट आया था उसकी शादी हो चुकी थी और वह मुझे कहने लगा कि सुनील तुमने मेरी बहुत मदद की। मैंने उससे कहा कि मैंने तुम्हारी भला क्या मदद की है तो वह कहने लगा कि तुमने मुझे रहने के लिए छत दी इससे बड़ी मदद क्या हो सकती है। मैंने उसे कहा यदि तुम मेरी जगह होते तो क्या तुम मेरी मदद नहीं करते वह मुझे कहने लगा कि नहीं ऐसा तो कुछ भी नहीं है यदि मैं तुम्हारी जगह होता तो मैं भी तुम्हारी मदद करता। वह चाहता था कि अब वह भी फ्लैट ले ले मैंने उसे कहा कि हम लोग इसी सोसाइटी में कोई फ्लैट देख लेते हैं वह कहने लगा कि ठीक है।

अब हम लोग फ्लैट की तलाश करने लगे मैंने ब्रोकर से कहलवा कर अपने दोस्त को एक फ्लैट दिखा दिया और जब उसने वह फ्लैट देखा तो वह कहने लगा कि मेरे लिए यहां पर बिल्कुल ठीक रहेगा। वह अपनी पत्नी को कोलकाता लेकर आना चाहता था मैंने उससे कहा कि तुम्हें फ्लैट पसंद तो आया वह कहने लगा हां मुझे फ्लैट पसंद है लेकिन अब मुझे सामान भी तो चाहिए होगा। मैंने उसे कहा कि ठीक है उसमें मैं तुम्हारी मदद कर दूंगा और मैंने अपने दोस्त की मदद की मैंने उसका सामान शिफ्ट करवाने में उसकी मदद की। हम लोगों ने काफी सामान खरीद लिया था कुछ ही दिनों बाद उसकी पत्नी भी रहने के लिए उसके साथ आ चुकी थी कभी कबार मैं अपने दोस्त से मिलने के लिए उसके घर पर चले जाया करता। मेरे दोस्त का नाम रजत है और रजत से मिलने के लिए मैं कभी-कभार उसके घर पर जाता था इसी बीच मुझे एक दिन माधुरी का फोन आया। जब मुझे माधुरी का फोन आया तो वह मुझसे बात करने लगी मैंने भी माधुरी से काफी देर तक बात की माधुरी की शादी शुदा जिंदगी के बारे में मैंने उससे पूछा तो वह कहने लगी कि मेरी जिंदगी बहुत अच्छे से चल रही है और मैं बहुत ही खुश हूं।

वह जिससे प्यार करती थी उससे उसकी शादी भी हो चुकी थी लेकिन मैं इस बात से अनजान था मैं तो माधुरी के पीछे पागल था और उसे अपने दिल की बात तक कह ना सका लेकिन माधुरी की शादी हो चुकी थी। मैं उससे बात कर रहा था तो मुझे यह एहसास हुआ कि मुझे भी अब शादी कर लेनी चाहिए। माधुरी मुझे कहने लगी कि मैं तुम्हे शादी में बुला ना पाई क्योंकि मेरा नंबर माधुरी के पास नहीं था मैंने माधुरी को कहा कोई बात नहीं माधुरी मैं जब दोबारा घर आऊंगा तो मैं तुमसे जरूर मुलाकात करूंगा। माधुरी कहने लगी कि हां सुनील जब तुम घर आओगे तो मुझसे जरूर मिलना। माधुरी ने मुझे कहा ठीक है सुनील मैं तुमसे जरूर मिलूंगी लेकिन मुझे नहीं पता था माधुरी भी कोलकाता आ जाएगी। माधुरी के पति का ट्रांसफर कोलकाता हो चुका था वह जब मुझसे मिलने के लिए आई तो मैं भी माधुरी से मिलकर बहुत खुश था लेकिन मेरे अंदर माधुरी को चोदने की जो आग लगी हुई थी वह मैं माधुरी की चूत मार का पूरा करना चाहता था। माधुरी के पति से एक दिन उसका झगड़ा हो गया जब उसका झगड़ा हुआ तो माधुरी मेरे पास चली आई क्योंकि वह किसी को भी नहीं जानती थी। जब वह मेरे पास आई तो मैंने माधुरी को अपनी बाहों में ले लिया माधुरी मेरी बाहों में थी लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि माधुरी और मेरे बीच सेक्स हो जाएगा माधुरी ने मेरे होठों को चूम लिया और मैंने उसके होठों को चूम लिया। जब मैं उसको किस रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और माधुरी बहुत खुश थी। जब मैंने उसके कपड़े उतारकर उसके स्तनों को देखा तो उसके स्तनों को देखकर उसके स्तनों को चूस कर मजा आ रहा था। मैं जब उसके निप्पलो को अपने मुंह में ले रहा था तो मेरा लंड एकदम से खड़ा हो रहा था और जिस प्रकार से मै माधुरी के साथ पूरे मजे लेने की कोशिश कर रहा था वह भी उत्तेजित हो चुकी थी। उसने अपने सलवार को खोलते हुए मुझे कहा तुम मेरी चूत को चाटो मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली डाली मेरी उंगली उसकी चूत के अंदर तक जा चुकी थी। जब मैं उसकी चूत के अंदर उंगली अंदर बाहर कर रहा था तो मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने काफी देर तक उसकी चूत के अंदर बाहर अपनी उंगली को किया।

मैंने उसकी चूत से निकलते हुए पानी को अपने मुंह में लेकर चाटना शुरू किया तो मेरे अंदर की गर्मी और भी अधिक बढने लगी थी। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगा कर अंदर की तरफ धकेला तो वह चिल्ला उठी और मुझे कहने लगी सुनील तुम्हारा लंड तो बहुत ही ज्यादा मोटा है। मेरा लंड उसकी चूत की दीवार से टकराने लगा था अब मैं उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर के उसे पूरी ताकत के साथ धक्के मारने लगा। माधुरी मेरा पूरा साथ दे रही थी वह कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है तुम ऐसे ही मुझे चोदते रहो थोड़ी देर बाद मैंने अपने कंधों पर माधुरी के दोनों पैरों को रखते हुए और भी तेज गति से उसे चोदना शुरू किया मेरा लंड माधुरी की चूत के अंदर बाहर हो रहा था तो मुझे और भी अधिक मज़ा आ रहा था।

वह बड़ी खुश थी जिस प्रकार से माधुरी ने मेरा साथ दिया उससे वह मुझे कहने लगी मुझे तो बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। मैंने जब माधुरी को डॉगी स्टाइल में बनाते हुए उसे चोदना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी आज मुझे मजा ही आ गया। जब मैं उसे धक्के मार रहा था तो वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे टकराए जा रही थी और उसकी चूतडे जब मुझसे टकराती तो एक अलग ही प्रकार के गर्मी पैदा हो रही थी मेरे अंदर की गर्मी भी बढने लगी थी माधुरी भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे ऐसे ही चोदते जाओ मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था और उसके चूतडो का रंग लाल होने लगा था लेकिन माधुरी को तो बहुत मजा आ रहा था। वह मुझसे अपनी चूत मरवा कर इतनी ज्यादा खुश थी कि वह मुझे कहने लगी शायद मैं अब रह नहीं पाऊंगी। उसकी चूत मुझे कुछ ज्यादा ही टाइट महसूस हो रही थी मेरा वीर्य पतन जब माधुरी की चूत के अंदर गिरा तो मैं खुश हो गया और माधुरी बड़ी खुशी थी मैं उसकी चूत के मजे ले पाया। उसके बाद तो माधुरी और मेरे बीच सेक्स होने लगा था।