सुहानी भाभी का रसीला चूत

Suhani bhabhi ka rasila chut:

bhabhi sex stories, antarvasna

मेरा नाम गीरीश है और मैं फरसान की दुकान चलाता हूं, मैं मुंबई का रहने वाला हूं और मेरी उम्र 33 वर्ष है। मैं एक शादीशुदा पुरुष हूं और मेरी शादी को भी दो वर्ष हो चुके हैं। मेरी दुकान अच्छी चलती है और मेरे पास कई लोग आते हैं क्योंकि मैं उन्हें अच्छा सामान कम दामों पर उपलब्ध करवाता हूं और मेरे पास वह लोग नमकीन लेते लेने आते हैं। मेरे पास हर प्रकार की नमकीन उपलब्ध होती है, मेरे पास कई लोग आते हैं। एक महिला अक्सर मेरी दुकान पर आती है वह मुझसे सामान लेकर जाती हैं, वह शादीशुदा है और जब भी वह मेरी दुकान पर आती है तो हमेशा ही मुझे देख कर मुस्कुराती हैं। वह मुझसे हमेशा पूछती रहती हैं कि इस बार आप ने कौन सी नमकीन बनाई है, मैं हर बार कुछ ना कुछ नहीं चीजें अपनी दुकान पर बनाता रहता हूं और मेरे पास हर प्रकार के नमकीन मिल जाती है।

मेरी दुकान को ज्यादा समय नहीं हुआ है लेकिन कुछ वर्षों में ही मेरी दुकान अच्छे से चलने लगी। पहले मैं घर से ही नमकीन बनाकर लोगों के घर पर देने जाया करता था लेकिन अब मैंने सोचा कि मेरा काम अच्छा चलने लगा है तो मैं दुकान खोल लेता हूं। जब से मैंने दुकान खोली है उसके बाद से मुझे बिल्कुल भी फुर्सत नहीं है। एक बार मेरी दुकान पर सुहानी भाभी आई और कहने लगी कि मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है यदि आप मुझे कुछ पैसे दे दे तो मैं कुछ दिनों बाद ही आपको पैसे लौटा दूंगी। मैंने उनसे पूछा कि आपको पैसे किस लिए चाहिए, वह कहने लगी कि मुझे अभी बहुत जरूरी काम है और मेरे पति घर पर नहीं है इसीलिए मुझे कुछ पैसों की आवश्यकता है, यदि आप मेरी मदद कर दे तो मैं कुछ दिनों बाद ही आपको पैसे लौटा दूंगी। मैं सुहानी भाभी को जनता था इसीलिए मैंने उन्हें पैसे दे दिए, वह अक्सर मेरे पास ही सामान लेने आती थी। मैंने उन्हें पैसे दिये उसके बाद वह चली गई। कुछ दिनों बाद वह जब दुकान में आई तो उन्होंने मुझे मेरे पैसे लौटा दिये और कहने लगे कि आपने मेरी मदद कि मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने उन्हें कहा कि आप हमारी परमानेंट कस्टमर हैं, कभी ऐसा हो जाता है कि जब हमारे पास पैसे नहीं रहते।

सुहानी भाभी कहने लगी कि उस दिन मुझे बहुत जरूरी काम था, मेरा एटीएम भी चल नहीं रहा था और ना ही घर पर पैसे थे, मेरे पति कहीं बाहर गए हुए थे इसलिए मैंने उस दिन आपसे मदद मांगी। मैंने उन्हें कहा कि कोई बात नहीं यदि आपने मदद मांगी तो। वह अक्सर ही मेरी दुकान पर आती-जाती रहती थी। मैं एक दिन सुबह अपने घर से निकल रहा था तो मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि मेरे पेट में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है, उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और मैं उसे डॉक्टर के पास ले गया। उस दिन मैंने दुकान नहीं खोली, मेरी दुकान पर जो लड़के काम करते हैं उन्होंने मुझे फोन किया तो मैंने उन्हें कहा कि आज दुकान मत खोलना कल मैं आ जाऊंगा तो कल ही हम लोग दुकान खोलेंगे। मैं अपनी पत्नी को लेकर हॉस्पिटल चला गया और जब मैं हॉस्पिटल गया तो मैंने डॉक्टर को दिखाया, डॉक्टरों ने कुछ टेस्ट लिख दिए और उसके बाद मैं उसे लैब में ले गया और वहां टेस्ट करवा दिए। जब हम लोगों ने टेस्ट करवाए तो उसके कुछ घंटों बाद रिपोर्ट आई और वह रिपोर्ट लेकर मैं डॉक्टर के पास दोबारा चला गया। डॉक्टर ने जब रिपोर्ट देखी तो कहने लगी कि आपकी पत्नी प्रेग्नेंट हैं, उसके बाद मेरी पत्नी बहुत खुश हुई और मैं भी बहुत खुश था। मैंने भी अपने घर पर फोन कर दिया और मेरे माता-पिता बहुत खुश हुए, उसके बाद मैं अपनी पत्नी को लेकर घर चला गया और डॉक्टर ने कुछ दवाइयां लिखकर दे दी थी। जब मैं घर गया तो मेरी पत्नी कहने लगी कि अब तुम खुश हो, मैंने उसे कहा कि हां मैं बहुत खुश हूं क्योंकि हम लोग काफी समय से चाहते थे कि हम लोग बच्चा करें लेकिन मैं अपने काम में बिजी था इस वजह से मैंने सोचा थोड़े समय बाद ही हम लोग बच्चे की प्लानिंग करेंगे। अब मैं बहुत खुश हूं और मेरी पत्नी भी बहुत खुश थी। अगले दिन जब मैं अपनी दुकान पर गया तो मैं दुकान पर ही काम कर रहा था। उस दिन जो भी कस्टमर आ रहे थे वह पूछ रहे थे की कल आप ने दुकान नहीं खोली, मैंने उन्हें कहा कि कल मैं घर पर ही था, मुझे कुछ जरूरी काम पड़ गया था।

मैं अपना काम कर रहा था और मेरी दुकान में काम करने वाले लड़के भी काम कर रहे थे। उस दिन सुहानी भाभी भी आ गई और कहने लगी कि आप कल नहीं आये। मैंने उन्हें कहा कि हां मैं कल नहीं आ पाया, वह मुझसे इसका कारण पूछने लगी और वह मैंने उन्हें बताया कि कल मेरी पत्नी के पेट में काफी दिक्कत हो रही थी और जब मैं उसे डॉक्टर के पास ले गया तो डॉक्टर ने कहा कि वह प्रेग्नेंट है, इस वजह से मैं घर पर ही रुक गया। सुहानी भाभी कहने लगी यह तो बहुत अच्छी बात है। आपकी पत्नी प्रेग्नेंट है यह बहुत ही खुशी की बात है। उन्होंने मुझे कहा कि मेरी तरफ से आप अपनी पत्नी को भी बधाई दे दीजिएगा। मैंने उन्हें कहा बिल्कुल मैं अपनी पत्नी को भी आप की तरफ से बधाई दे दूंगा। अब वह कुछ नमकीन पैक करवाने लगी और मैं उन्हें नमकीन दे रहा था, जब उन्होंने नमकीन ले ली तो उसके बाद वह अपने घर चली गई। सुहानी भाभी घर चली गई उन्होंने मुझे फोन किया वह मुझे कहने लगी कि आप की दुकान पर मेरा कुछ सामान रह गया है आप वह सामान मेरे घर पर पहुंचा सकते हैं।

मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं वह सामान आपके घर पर ले आता हूं। मैं जब उनके घर पर गया तो मैंने उनके डोरबेल बजाई और उन्होंने दरवाजे को खोलो जब उन्होंने दरवाजा खोला तो उन्होंने मुझे अंदर बैठने का आग्रह किया। मैं अंदर ही बैठ गया वह मेरे साथ में ही बैठी हुई थी मैं उनसे बात कर रहा था और बात करते करते हम दोनों की बातें अशलील बात तक पहुंच गई। वह मुझे कहने लगी कि मेरे पति ने तो मुझे काफी समय से चोदा भी नहीं है और आपने तो अपनी पत्नी को प्रेग्नेंट कर दिया क्या आप मेरी भी इच्छा पूरी कर सकते हैं। मैंने कहा हां मैं आपकी इच्छा पूरी कर देता हूं। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथों से हिलाना शुरू किया और बड़े अच्छे से वह मेरे लंड को हिला रही थी। उन्होंने कुछ देर तक मेरे लंड को हिलाया और उसके बाद अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। वह बड़े अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी मैंने सुहानी भाभी को घोड़ी बना दिया और घोडी बनाते ही मैंने जब सुहानी भाभी की योनि में अपने लंड को डाला तो उन्हें बहुत ज्यादा दर्द महसूस हुआ। सुहानी भाभी कहने लगी कि आप तो मुझे कुत्ते की तरह चोद रहे हैं मैंने उन्हें कहा कि आप कुतीया बनी रहो। मैं ऐसे ही बड़ी तेजी से धक्के मारता और मैंने उनकी चूतड़ों को अपने हाथ में पकड़ कर रखा। उनकी लंबाई ज्यादा है इसलिए उनकी लंबाई के हिसाब से उनकी चूतडे बहुत बड़ी है। मैं उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारता जाता और वह भी अपनी बड़ी-बड़ी चूतडो को मुझसे मिला रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैं जिस प्रकार से भाभी को चोद रहा था। मेरा लंड उनकी योनि के अंदर बाहर हो रहा था और वह मेरा पूरा साथ दे रही थी। सुहानी भाभी कहने लगी तुम मुझे बड़े अच्छे से चोद रहे हो मुझे बहुत आनंद आ रहा है तुम जिस प्रकार से मेरी चूत मार रहे हो मैंने उन्हें कहा कि आपकी बड़ी बड़ी गांड देखकर तो मुझसे भी रहा नहीं जा रहा। सुहानी भाभी कहने लगी मेरे पति भी मेरी गांड की बड़ी तारीफ करते हैं और कहते हैं कि तुम्हारी गांड बहुत बड़ी है। वह भी अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी और मैं भी बड़ी तीव्र गति से उन्हें  चोदता जाता। जब वह झडने वाली थी तो उन्होंने अपने दोनों पैरों को आपस में मिला लिया और अब उनकी योनि बहुत ज्यादा टाइट हो गई थी। मैंने उन्हें बड़ी तेजी से झटके मारे जिससे कि मेरा वीर्य पतन उनकी योनि के अंदर ही हो गया। उसके बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और मैं अपनी दुकान पर जल्दी से चला गया। सुहानी भाभी ने मुझे फोन किया और कहने लगी क्या आज के बाद तुम हमेशा मेरी इच्छा पूरी कर दिया करोगे। मैंने उन्हें कहा मैं हमेशा आपकी इच्छा पूरी कर दिया करूंगा।